गंगापार, मई 30 -- खरीफ की मुख्य फसल धान की रोपाई के पूर्व धान की नर्सरी तैयार करने के लिए किसानों को पानी मिलना मुश्किल हो गया है। इलाके की नहरों में पानी की जगह धूल उड़ रही है तो वहीं नलकूप चलने के लिए बिजली भी पर्याप्त नहीं मिल पा रही है, जिससे किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। धान की नर्सरी के लिए मई का अंतिम सप्ताह और जून का पहला सप्ताह किसानों के लिए सही माना जाता है। लेकिन इलाके की नहरों में आज तक न तो पानी छोड़ा गया और न ही इलाके की बिजली ही सही समय से चल रही है जिससे सरकारी नलकूप अथवा किसानों के निजी नलकूप चल पाए और किसानों की धान की नर्सरी डालने वाले खेतों में पानी भरा जा सके। इलाके की नैनी रजबहा, बीकर पंप कैनाल, बाघला कैनाल की सभी माइनर बिना पानी के दिखाई दे रहे है। ऐसे में किसानों को भारी समस्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.