उरई, जनवरी 16 -- उरई। जनपद में अन्ना प्रथा में सुधार को लेकर पशुपालन विभाग कवायद में जुट गया है। इसको लेकर हाल ही में जनपद की विभिन्न गौशालाओं में हरियाणा एवं साहीवाल नस्ल के कुल 120 सांड भेजे गए हैं जिससे आने वाले समय में अच्छी नस्ल के जानवर होंगे और दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा। जनपद में आवारा जानवरों की समस्या काफी पुरानी है। अधिकतर जानवर देशी नस्ल होने के चलते कम दूध देते हैं जिससे पशुपालकों द्वारा इनको छुट्टा छोड़ दिया जाता है। हालांकि प्रशासन द्वारा बनाई गई स्थाई एवं अस्थाई गौशालाओं के साथ ही लगातार मॉनिटरिंग से इस समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगा है और लगातार सीसीटीवी कैमरो के माध्यम से गौशालाओं की निगरानी भी कराई जा रही है। आने वाले समय में इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पशुपालन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है और अब अन्ना प्रथा को समा...