कुशीनगर, जनवरी 23 -- कुशीनगर। जनसंख्या नियंत्रण को ध्यान में रखकर जिले में संचालित किए जाने वाले परिवार नियोजन के बड़े कार्यक्रमों में शामिल नसबंदी की संख्या इस साल घटकर 30 फीसदी पर आ गई है। इसकी वजह एक तरफ सरकार की तरफ से लाभार्थियों एवं कार्यक्रम में शामिल डॉक्टरों व उनके सहयोगियों को प्रोत्साहन राशि न मिलना तो दूसरी ओर पैनल में से एक डॉक्टर का अस्वस्थ हो जाना बताया जा रहा है। बढ़ती जनसंख्या आने वाले दिनों के लिए गंभीर संकट मानी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर सरकार की तरफ से परिवार नियोजन कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इनमें सबसे सटीक एवं बड़ा कार्यक्रम पुरुष एवं महिला नसबंदी को माना जाता है। नसबंदी कराने वाले पुरुष को तीन हजार रुपये तथा महिलाओं को दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त नसबंदी करने वाले डॉक्टर, एन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.