चंदौली, नवम्बर 10 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। प्रतिभा किसी सहारे की मोहताज नहीं होती, यह साबित कर दिखाया एक दिव्यांग छात्रा बंदना ने, जिसने तमाम चुनौतियों के बावजूद नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास कर ली लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी विकलांगता ही अब उसके भविष्य के रास्ते में रोड़ा बन गई है। नवोदय विद्यालय प्रशासन ने दिव्यांगता का हवाला देकर उसे प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया, जिससे छात्र और उसके परिजन बेहद निराश हैं। शहाबगंज ब्लॉक के बरांव गांव निवासी बबलू प्रजापति पुत्री बंदना शारीरिक रूप से दोनों हाथों से अक्षम है। पैर से ही पढ़ने और लिखने के साथ सुन्दर-सुन्दर पेंटिंग बनाने का कार्य करती है। गांव के कम्पोजिट विद्यालय में पढ़ने के साथ ब्लाक व जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। विद्यालय में कक्षा पांच ...