जमशेदपुर, दिसम्बर 31 -- जमशेदपुर। चाईबासा सदर अस्पताल में चार माह के नवजात के शव को झोले में ले जाने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इसकी केस डायरी दर्ज कर ली है। यह जानकारी मानवाधकार कार्यकर्ता मनोज मिश्रा ने दी। शिशु की मृत्यु के बाद शव को ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने समय पर मोक्ष वाहन उपलब्ध नहीं कराया, जिसके कारण उसके पिता डिम्बा चातोम्बा को शव झोले में लेकर बस से नोवामुंडी अपने घर जाना पड़ा था। यह मामला मीडिया में आने के बाद मनोज मिश्रा ने आयोग से शिकायत की थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा तथा सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क मोक्ष वाहन की व्यवस्था की मांग की है।

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