बांदा, नवम्बर 28 -- बांदा। संवाददाता नर्स ने रुपये के चक्कर में घर पर ही डिलीवरी करवा दी। कुछ देर बाद नवजात की हालत बिड़ग गई। उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने नर्स और आशा पर लापरवाही का आरोप लगाया है। देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव निवासी 22वर्षीय किरन पत्नी पंकज प्रसव पीड़ा से परेशान थी। परिजनों ने उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने महिला की हालत देख उसे आपरेशन बता दिया। लेकिन घरवाले आपरेशन करवाने को तैयार नहीं थे। परिजनों का कहना था कि नार्मल डिलीवरी करवाना है। इस पर आशा उर्मिला ने मेडिकल कालेज की एक नर्स से बात की। पहले तो नार्मल डिलीवरी कराने के नाम पर तीस हजार रुपया मांगा गया। परिजनों ने असमर्थता जताई। बाद में दस हजार रुपये में बात तय हो गई। परिजन किरन को लेकर अपने मामा...