फतेहपुर, नवम्बर 22 -- फतेहपुर। खुले बाजार में औंधे मुंह गिरे धान के कारण सरकारी खरीद केन्द्रों में गदर शुरू हो गई हैं। यहां नमी, उपज की सफाई का हवाला देकर कटौती वास्तविक किसानों को समक्ष कटौती का प्रस्ताव रखा जा रहा है, जिसका फायदा व्यापारी उठा रहे है। केन्द्र प्रभारियों द्वारा रखे गए निजी सहायक व्यवस्था व व्यापारी के बीच की कड़ी साबित हो रहे है। नतीजन किसान के भेष में व्यापारी कटौती से साथ धडल्ले से तौल करा रहें है। वहीं किसान मायूस होकर सिस्टम को कोस रहा है। अधिकतर खरीद केन्द्र प्रभारियों ने कटौती को मानक में तब्दील कर दिया है। किसानों को यह व्यवस्था रास नहीं आ रहा है, वहीं खुले बाजार से 15 से 16 रुपये कुंतल धान खरीद कर सरकारी केन्द्र में धान डालने वाले किसानों के लिए यह मूफीद है। 19 फीसदी नमी पर पांच किलो, 22 फीसदी नमी पर सात किलों और ...