अररिया, नवम्बर 7 -- उम्मीदवार के समर्थक नहीं करते थे हुड़दंगबाजी, प्रत्याशी थी रहते थे सज्जन हाईस्कूल के सेवानिवृत प्रधानाचार्य बुजुर्ग मही नारायण झा ने की उन दिनों यादें ताजी जोकीहाट, एक संवाददाता आज के दौर का चुनाव प्रचार डिजिटल और इंटरनेट के माध्यम से हो रहा है। लोग आधुनिक से आधुनिक लक्जरी वाहनों व बाइक की रैली निकालते दिख रहे हैं। लेकिन चुनाव के शुरूआती दौर में चुनाव प्रचार कुछ अलग ढंग से होती थी। चुनाव प्रचार में लोगों की झुंड पैदल, साइकिल व घोड़ा पर चलती थी। नदियों में नाव की रैली तो सड़कों पर बैल गाड़ी की रैली निकाली जाती थी। बैनर, पोस्टर नहीं के बराबर होता था। उम्मीदवार आम लोगों से नहीं मिल पाते थे। बल्कि गांव के लोग ही उम्मीदवार से किसी मुख्य आदमी के दरवाजे पर जाकर मुलाकात कर लेते थे। गांव के मुखिया व मुख्य आदमी से उम्मीदवार बातचीत क...
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