अररिया, जनवरी 10 -- अररिया, हिन्दुस्तान टीम। नदियां अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं। यह जीवनदायी होती है। उनके सूखने, सिकुड़ने, विलुप्त होने या प्रदूषित होने से इसका सीधा असर वहां के कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और रोज़गार पर पड़ता है। धर कुछ वर्षों में अररिया जिले होकर बहने वाली कई नदियों, धारों व जलाशयों के सूखने, सिकुड़ने व विलुप्त होने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। सौरा, फ़रियानी, दुलरदेई, बिलेनिया, पैमा, कोसी धार, मरियाधार, सीता धार, नाढ़ी धार जैसी कई तो विलुप्त होने के कगार पर है। आने वाले समय में स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान की संभावना बन गयी है। इसे लेकर आपका अखबार 'हिन्दुस्तान' 'आएं अपनी नदी बचाएं' अभियान चला रही है। इसमें हर वर्ग का भरपुर समर्थन भी मिल रहा है। 'हिन्दुस्तान' की इस मुहिम में अब माननीय भी शामिल हो गये हैं। जिले के सांसद,...
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