लखनऊ, दिसम्बर 5 -- नगर निगम के आला अफसर बैठे निर्देश देते रहे। एक दिव्यांग गृह कर के बढ़े बिल को सही कराने के लिए काउंटर दर काउंटर भटकता रहा। उसके बैठने तक की कहीं कोई व्यवस्था नहीं थी। नगर निगम के सम्पूर्ण समाधान दिवस में आए दिव्यांग सौरभ उत्तम को राहत की जगह आश्वासन ही मिला। नगर निगम के लालबाग स्थित मुख्यालय में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे सौरभ उत्तम के एक पैर और हाथ में विकलांगता है। जोन-6 बालागंज के मल्लपुर से आए सौरभ ने अधिकारियों से पूछा कि यदि दरें 2022 में ही संशोधित की गई थीं, तो उसी समय से नई दरों पर कर वसूली क्यों शुरू नहीं की गई। तीन वर्ष बाद एकमुश्त 75 हजार रुपये का बिल भेजना और उस पर ब्याज लगाना उनके अनुसार अनुचित है। जोनल अधिकारी अमरजीत ने उनकी समस्या पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय फाइल जूनियर अधिकारी को सौंप दी। नगर निगम क...