पटना, जुलाई 22 -- नगर निकायों की हर बैठक की कार्यवाही जारी की जाएगी। मुख्य पार्षद या बैठक की अध्यक्षता करने वाले की यह जिम्मेदारी होगी कि इसके आयोजन के 15 दिनों के अंदर पूरी कार्यवाही जारी करें। इसको लेकर विधानसभा में मंगलवार को बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2025 पारित हुआ। राज्यपाल से अनुमति लेकर इसका कानून राज्य में लागू कर दिया जाएगा। मंगलवार को विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा में कुल छह विधेयक पारित हुए। बिहार नगरपालिका संशोधन विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति जो मुख्य नगरपालिका अधिकारी या सरकार के अधिकृत अन्य अधिकारी के आदेश से असंतुष्ट हो, तो ऐसे आदेश के 30 दिनों के भीतर उस जिले के जिला न्यायाधीश के समक्ष वह अपील कर सकता है, जिसके अधिकार क्षेत्र में संबंधित नगरपालिका स्थित है। न्यायाधीश का निर्णय अंतिम होगा।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.