रायपुर, फरवरी 14 -- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने नक्सली हमले में शहीद हुए एक पुलिस कांस्टेबल की 68 साल की मां को पारिवारिक पेंशन नहीं देने को अन्यायपूर्ण बताया। कोर्ट ने राज्य सरकार को 6 सप्ताह के भीतर इस मामले में फैसला करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने 11 फरवरी को शहीद की मां फिलिसिता लकरा द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। उनका 21 साल का बेटा इग्नेशियस लकरा सूरजपुर जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की 10वीं बटालियन में कांस्टेबल थे। 2002 में माओवादियों के साथ मुठभेड़ में वह शहीद हो गए थे।पिता की मौत के बाद बंद कर दी पेंशन इग्नेशियस की मौत के बाद उनके पिता और फिलिसिता के पति लोबिन को पारिवारिक पेंशन मिल रही थी। अगस्त 2020 में लोबिन के निधन के बाद जशपुर जिले के कोषागार कार्य...
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