कानपुर, अक्टूबर 13 -- साहेब स्मृति फाउंडेशन के जश्ने मौजशाही के अवसर पर चतुर्दश राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरा ''नारी तू नारायणी'' का आयोजन हुआ। आरंभ वैदिक रीति से विधिवत पूजन के पश्चात हुजूर साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर हुआ। गोरखपुर से तशरीफ़ लाए डॉ नुसरत अतीक़ गोरखपुरी ने पढ़ा, नक्श ए अव्वल हूं कोई हर्फ़ ए गलत तो हूं नहीं, तुम मिटाना चाहते हो तो मिटा कर देख लो। सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर हॉल में हुए समारोह में मुख्य अतिथि महापौर प्रमिला पांडे रहीं। सदारत भोपाल से आईं डॉ. नुसरत मेहदी ने की। शायरा मोहतरमा अना देहलवी ने अपनी शायरी पेश की, हर पत्थर देवता नहीं होता, साफ कितना पानी हो आईना नहीं होता। कानपुर की कवित्री नीरू श्रीवास्तव ने अपनी हिन्दी की गजल पेश की, दिल की बातें हैं ये पेशानी पे बल मत डालो, बीच में बोल के चाहत में खलल मत...
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