मुजफ्फरपुर, नवम्बर 19 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता नक्शा स्वीकृति के बावजूद निगम को शुल्क नहीं देने वाले रडार पर हैं। ऐसे 85 मकानों की पहचान की गई है, जिन्होंने शुल्क नहीं जमा किया है। संबंधित लोगों को निगम नोटिस भेज अविलंब बकाया राशि जमा करने को कह रहा है। साथ ही शुल्क जमा नहीं करने वाले भवनों का नक्शा रद्द करने के साथ निर्माण कार्य पर रोक व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। दरअसल, आवासीय या व्यावसायिक भवनों के स्कवायर मीटर के आधार पर भवनों का नक्शा शुल्क अलग-अलग तय है। इसके अलावा संबंधित भवन के निर्माण में खर्च होने वाली कुल राशि का एक प्रतिशत लेबर सेस के लगता है। निगम यह राशि श्रम विभाग को भेजता है। नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने बताया कि नक्शा स्वीकृति के बाद शुल्क जमा करना अनिवार्य प्रक्रिया है। जिन लोगों ने शुल्क नहीं भरा है, वे...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.