मोतिहारी, फरवरी 16 -- मोतिहारी। जिले में लाइसेंसी दवा की करीब तीन हजार दुकानें हैं। इससे इतर करीब दस हजार से अधिक गैर लाइसेंसी दवा की दुकानें जिले भर में संचालित हैं। दवा दुकानदारों का कहना है कि ड्रग विभाग द्वारा सिर्फ लाइसेंसी दुकानों को परेशान किया जाता है। ड्रग विभाग के नियमानुसार, सभी खुदरा दवा दुकानदारों को दुकान पर फार्मासिस्ट रखना अनिवार्य है। उनका कहना है कि यह कानून अंग्रेजों के जमाने का है। अंग्रेज के जमाने का कानून आज भी केन्द्र व राज्य सरकार ढो रही है। जिले में जितने लाइसेंसी दवा की दुकानें हैं उतने फार्मासिस्ट उपलब्ध ही नहीं हैं। ऐसी स्थिति में हर दुकान में फार्मासिस्ट कहां से लाया जाये। पहले इक्के-दुक्के फार्मासिस्ट हुआ करते थे। तब एक-एक फार्मासिस्ट के नाम पर ड्रग विभाग द्वारा बीस-बीस दुकानों को लाइसेंस निर्गत कर दिया जाता ...
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