लखनऊ, जनवरी 8 -- नकली दांत लगवाना अब सरल हो गया है। अब नकली दांतों को लगाने के लिए बड़ा चीरा टांका लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीबीसीटी स्कैन से इम्प्लांट लगाने के स्थान की सटीक पहचान की जा सकेगी। कम समय में सटीक इम्प्लांट व नकली दांत प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। चिकित्सा विज्ञान में इस तकनीक को गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी कहते हैं। यह जानकारी उत्तर प्रदेश डेंटल काउंसिल के उपाध्यक्ष व केजीएमयू दंत संकाय में प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के डॉ. कमलेश्वर सिंह ने दी। गुरुवार को गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी पर कार्यशाला हुई। डॉ. कमलेश्वर सिंह ने कहा कि अब नकली दांत लगाना और आसान हो गया है। इम्प्लांट लगाने से पहले कम्प्यूटर आधारित सीबीसीटी स्कैन कराना अधिक फायदेमंद होता है। इससे इम्प्लांट लगाने के स्थान को देखा जाता है। नर्व व साइनस कितनी दूर रहेगा? इसके अलाव...