संवाददाता, दिसम्बर 30 -- पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) इन दिनों एक बेहद भावनात्मक और अनोखे संयोग का साक्षी बन रहा है। दक्षिण भारत से आई हथिनी निसर्गा और बिजनौर से लाई गई 21 दिन की बेसहारा मादा हथिनी के बीच एक रिश्ता पनप रहा है। भावनाओं और ममता की डोर इसे मां-बेटी का रूप दे रही है। तराई के जंगल में पहली बार किसी नन्हीं हथिनी ने अपना बचपन शुरू किया है और यही वजह है कि यह पल पीटीआर के इतिहास में खास माना जा रहा है। 3 दिसंबर को जैविक मां से बिछड़ने के बाद नन्हीं हथिनी असहाय स्थिति में थी। सरकार के स्तर पर निर्णय के बाद उसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व में लाया गया। महज 21 दिन की उम्र में जंगल का नया संसार उसके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब उसे दक्षिण भारत से तीन साल पहले पीटीआर लाई गई हथिनी निसर्गा का सानिध्य मिल रहा है। वन विभाग के प्लान के अनुसार, न...