नई दिल्ली, नवम्बर 27 -- नवीन कुमार श्रीवास्तव,श्रम विशेषज्ञ व प्रोफेसर, बिमटेक बीते शुक्रवार को भारत ने अपने श्रम कानूनों के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। केंद्र सरकार ने इस दिन से चार श्रम संहिताओं को लागू कर दिया। इसे आजादी के बाद के सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक श्रम सुधारों में से एक माना जा रहा है। यह कदम 29 पुराने केंद्रीय श्रम कानूनों को साथ लाकर एक सरल, भविष्योन्मुखी ढांचा तैयार करता है। जाहिर है, इसका मुख्य उद्देश्य करोड़ों श्रमिकों, खासकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को व्यापक सुरक्षा प्रदान करना, उनके वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और भारत को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाना है। अब तक 1930 और 1950 के दशक में बने श्रम कानूनों के तहत देश काम करता रहा है। ये नियम एक ऐसे युग के लिए बनाए गए थे, जिसमें डिजिटल क्रांति, गिग इकोनॉमी और व...
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