नई दिल्ली, जनवरी 21 -- नए नेतृत्व के सामने अटल की विरासत को नए दौर में ले जाने की चुनौती -------------------- -45 साल की भाजपा की यात्रा में आए पांच चुनौती भरे एतिहासिक पड़ाव -संघ की विचारधारा के साथ वाजपेयी ने की थी शुरुआत -आडवाणी ने बदली थी नीति, गडकरी ने तोड़ा था दिल्ली का वर्चस्व -मोदी व शाह ने दी सत्ता के शीर्ष की बुलंदी, अब नवीन को पीढ़ीगत बदलावों की चुनौती -------------------- नईदिल्ली। विशेष संवाददाता भाजपा के 45 साल के इतिहास में नई चुनौतियों व बदलावों को लेकर यह पांचवां अवसर है, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर पली बढ़ी पार्टी ने युवा नितिन नवीन को कमान सौंपी है। इसके पहले 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद 1986, 2009, 2014 में भी संघ ने भाजपा के समयानुकूल बदलावों में अहम भूमिका निभाई थी। संघ ने इन सभी अवसरों पर जनसंघ क...
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