उरई, नवम्बर 30 -- कुठौंद। कस्बा में चल रहे महायज्ञ में श्रीमद्भागवत कथा में ध्रुव चरित्र और सती अनुसुईया चरित्र का प्रसंग सुनाया। सब स्टेशन परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित पुनीत महराज ने कहा भगवान शिव की अनुमति लिए बिना उमा पिता दक्ष के यहां यज्ञ में पहुंच गईं। यज्ञ में भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिए जाने से कुपित होकर सती ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर शरीर त्याग दिया। इससे नाराज शिव के गणों ने राजा दक्ष का यज्ञ विध्वंस कर दिया। इसलिए जहां सम्मान न मिले वहां कदापि नहीं जाना चाहिए। इसके ध्रुव कथा प्रसंग में बताया कि सौतेली मां से अपमानित होकर बालक ध्रुव कठोर तपस्या के लिए जंगल को चल पड़े। तपस्या के बाद पर भगवान प्रगट हुए और उन्हें अटल पदवी प्रदान की। वहीं बाद में कथा के बाद पारीछत सुनीता जयप्रकाश शुक्ला के द्वारा आरती की गई और प्...