बांदा, फरवरी 14 -- बांदा। संवाददाता गिरवां कस्बा में अमित गुप्ता के आवास पर बस स्टाप के पास चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक राजेंद्र शास्त्री ने ध्रुव प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि पांच वर्ष की अवस्था में ध्रुव ने साक्षात भगवान के दर्शन किए। कथावाचक ने कहा कि जिसके अंदर भगवान के प्रति प्रेम हो तो भगवान दर्शन देकर संसार से मुक्त कर देते हैं। बताया कि धोखे से अजामिल ने अपने बेटे नारायण का नाम लिया, उसी नाम से भगवान नारायण के पार्षद आए और अजामिल को यमराज के दूतों से छुड़ाकर भगवान के धाम ले गए। भगवान के नाम की महिमा अनंत है। इसलिये चलते, फिरते, खाते हर समय प्रभु के नाम का स्मरण करना चाहिए। प्रहलाद की कथा में नृसिंह अवतार का वर्णन किया। भगवान की कई कथाओं का वृतांत सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए।

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