हरिद्वार, नवम्बर 8 -- हरिद्वार, संवाददाता। करौली शंकर महादेव ने कहा कि जीवन में सफलता, यश, वैभव और संस्कारों की प्राप्ति के लिए संसार या परिवार का त्याग करना आवश्यक नहीं है। परिवार और समाज ही हमारे जीवन के वास्तविक आधार हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य में कुशल बनते हुए ध्यान साधना के मार्ग पर चलना चाहिए, जिससे रोग और शोक से मुक्ति मिल सके। जब व्यक्ति रोग और शोक से मुक्त होकर सशक्त बनता है, तभी उसके कुल का गौरव बढ़ता है। उत्तरी हरिद्वार में आयोजित पूर्णिमा महोत्सव के समापन अवसर पर करौली शंकर महादेव ने उपस्थित संतों, साधुओं और साधकों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया और उन्हें आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद दिया।

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