बिजनौर, दिसम्बर 14 -- सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालो ने कहा कि जिसने अपने हृदय को धो लिया अर्थात जिसने अपने उलट पुलट विचारों को सीधा कर लिया। जो व्यथित या अशांत नहीं रहता है जो मन को चंद्रमा की तरह शीतल रखता है और आनंदित रहता है। वही मनुष्य इस संसार में शाश्वत शांति को प्राप्त करता है। रविवार को फुलसंदा आश्रम में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालो ने कहा कि शाश्वत शांति का अर्थ है। छोटी-छोटी बातों से विचलित न होना। ब्रह्म शांति में निमगन रहना। परमेश्वर के ध्यान में लीन हुआ ऐसा व्यक्ति प्रकाश को अपनी अंतरात्मा में प्राप्त कर लेता है। वह जीवन में धन्यता का अनुभव करता है। उन्होंने पार ब्रह्म परमेश्वर के ध्यान की प्रक्रिया को बताते हुए कहा कि ध्यान के अंतर्गत ओंकार की गुंजार को सुने। उन्...
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