लखीमपुरखीरी, जून 21 -- धोबिया गांव के तपोवन सिद्ध आश्रम में क्षतिग्रस्त प्राकृतिक जलस्रोत के संरक्षण कार्य के निर्माण का आगाज हुआ। गोमती नदी की सांस्कृतिक विरासत का संकलन कर रहे सुशील सीतापुरी द्वारा महंत स्वामी नारायणानन्द की मौजूदगी में पूजा-अर्चना के साथ इसका शुभारंभ किया। चपरतला गांव निवासी सुशील सीतापुरी ने स्वयंसेवी संस्था सेवा सदन की ओर से संचालित इस अभियान के अंतर्गत गोमती के घाटों, मंदिरों,मेलों, परंपराओं तथा निकटवर्ती गांवों के रहन-सहन का अध्ययन किया जा रहा है। अब तक गोमती की 300 किमी यात्रा कर चुके सुशील सीतापुरी बताते हैं कि तपोवन सिद्ध आश्रम के प्राकृतिक जलस्रोत गोमती के लिए पूरे वर्ष संजीवनी का काम करते हैं इसलिए इनका संरक्षण अनिवार्य है। यही कारण है कि उन्होंने प्राकृतिक जलस्रोत के संरक्षण का संकल्प लिया। गोमती नदी से कुछ द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.