वाराणसी, जनवरी 27 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। अग्रिमः कन्दुकः कंन्दुक प्रक्षेपक: एक: उग्र क्षेपणम् ददाति, किन्तु फलक धारक: सज्जः अस्ति अर्थात अगली गेंद बॉलर ने बाउंसर डाला, लेकिन बल्लेबाज तैयार थे। कन्दुकं आकाश मार्गेन गच्छन, सीमारेखात: बहिर्गमन। षड धावनांका: लब्धा: यानी गेंद हवा में, सीमारेखा के बाहर छह रन मिले। धोतीकुर्तायां क्रिकेट्-क्रीडां दृष्ट्वा प्रेक्षकाः मंत्रमुग्धाः अभवन्, इसका मतलब धोती कुर्ता में क्रिकेट देख कर दर्शक हुए मंत्रमुग्ध। यह संस्कृत की किसी पुस्तक का अनुवाद नहीं, बल्कि बनारस के जयनारायण इंटर कॉलेज के मैदान में मंगलवार को हुए अनूठे क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान क्रिकेट कमेंटरी का अर्थ है। दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय के 82वें स्थापनोत्सव पर यह संस्कृत बटुक क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय की त...