लखीसराय, अक्टूबर 4 -- कजरा, एक संवाददाता। मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय के साथ नौ दिनों के लिए मायके आती है। ससुराल से मायके आई बेटी की तरह ही उनका स्वागत सत्कार और आवभगत की जाती है, और दशहरे को मां दुर्गा अपने ससुराल चली जाती हैं। बेटी को विदा करते समय माता-पिता और स्वजन के मन में जो भाव और आंखों में नमी होती है। वहीं भाव शुक्रवार को नवरात्र के बाद मूर्ति विसर्जन यात्रा में मां दुर्गा की विदाई के समय लोगों की आंसुओं से भीगीं आंखों में थे। श्रद्धालु भाव विभोर होकर को मां दुर्गा को निहार रहे थे, और मन से एक ही पुकार निकल रही थी मां भगवती कुछ दिनों के लिए और यहीं रुक जाएं। कजरा,पीरी बाजार, उरैन आदि दुर्गा समितियों द्वारा मां भगवती का विधि विधान से पूजन कर शोभायात्रा निकालकर मूर्ति विसर्जन किया गया,जिसमें...