पटना, सितम्बर 26 -- बिहार की भूमि तप, त्याग और संस्कृति की भूमि रही है। राज्य के धार्मिक स्थलों को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का काम चल रहा है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, सनातन परंपरा को मजबूत करने, समाज को संगठित करने और मठ-मंदिरों के विकास व जनसेवा का केंद्र बनाने के लिए धार्मिक स्थलों को सांस्कृतिक पर्यटन से जोड़ने पर काम कर रहा है। शुक्रवार को छज्जूबाग स्थित न्यास पर्षद कार्यालय में न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने ये बातें कहीं। मौके पर उन्होंने कहा कि यह नई पहल बिहार की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का अग्रदूत बनाएगी। इससे सभी वर्गों में संवाद, सामाजिक समरसता बढ़ेगा और वर्गविभेद की दीवारें टूटेंगी। गौरतलब है कि राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से राजधानी के बापू सभागार में 18 सितंबर को आयोजित धार्मिक जुटान में राज्य के चार ह...
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