चित्रकूट, फरवरी 9 -- मानिकपुर, संवाददाता। धारकुंडी आश्रम के संस्थापक स्वामी सच्चिदानंद महाराज सोमवार को समाधिलीन हो गए। दो दिन तक भक्तों को दर्शन कराने के बाद विधि-विधान से पूजन कर आश्रम के संत उनका पार्थिव शरीर लेकर समाधि स्थल पहुंचे। जहां पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ स्वामी सच्चिदानंद महाराज को समाधिलीन किया गया। इस दौरान धर्मनगरी चित्रकूट समेत विभिन्न मठ-मंदिरों और आश्रमों के संत-महंत मौजूद रहे। स्वामी सच्चिदानंद महाराज दो दिन पहले शनिवार की दोपहर मुंबई स्थित जसलोक हास्पिटल में ब्रह्मलीन हुए थे। वह इधर कई साल से स्वास्थ्य खराबी के चलते मुंबई के बदलापुर आश्रम में रह रहे थे। पिछले वर्ष मार्च माह में धारकुंडी आश्रम आए थे। दो-तीन दिन रुकने के बाद वापस फिर बदलापुर चले गए थे। ब्रह्मलीन होने के बाद रविवार की दोपहर उनके पार्थिव शरीर को धारकुंड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.