सहरसा, नवम्बर 5 -- कहरा, एक संवाददाता। चार दिन पूर्व क्षेत्र में आए मोंथा चक्रवाती तूफान के कारण कई दिनों तक तेज हवा एवं बारिश के बाद मौसम तो सामान्य हुआ है। लेकिन इस चक्रवाती तूफान में बाली निकल आए तथा पके एवं अधपके खरीफ धान का पौधा के गिरने से किसानों में हतासा व्याप्त है। कई प्रभावित किसानों ने बताया कि इस वर्ष औसतन 12 हजार रुपए प्रति एकड़ रुपए व्यय कर खरीफ धान की खेतीवारी किया। धान की फसल अधपका सा हो गया था। लेकिन इस चक्रवाती तूफान में धान की फसल खेत में हुए जल जमाव में गिरा हुआ है। तेज धूप रहने तथा पछिया हवा बहने से खेतों में जमा पानी सूखने में फायदा होता।लेकिन धुप मध्यम होने तथा एकाएक कुहासा गिरने से दाना के काले पड़ने की आशंका से किसानों में चिन्ता व्याप्त है। गेहूं की खेतीवारी भी होगा प्रभावित: यह बतादें कि इस क्षेत्र में अधिकतर खेत...
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