कोडरमा, नवम्बर 22 -- कोडरमा, हिन्दुस्तान टीम। इस वर्ष धान की बंपर पैदावार ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी थी, लेकिन सरकारी खरीद प्रक्रिया में देरी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी बहार देखते ही बिचौलियों ने मौके का फायदा उठाते हुए गांव-गांव घूमकर कम कीमत पर किसानों से धान की खरीद शुरू कर दी है। समर्थन मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल के मुकाबले बिचौलिए 1500-1600 रुपए तक कीमत देकर धान उठा रहे हैं। इससे किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 900 रुपए तक का नुकसान हो रहा है। सरकारी खरीद पर देरी का संकट, भंडारण की कमी बनी बड़ी वजह किसानों का कहना है कि कटाई शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक सरकारी खरीद केंद्र नहीं खुले हैं। भंडारण सुविधा की कमी, गोदामों की अनुपलब्धता और खरीद केंद्रों के देर से सक्रिय होने के कारण किसान धान सुरक्षित रखने की स्थि...