लखनऊ, सितम्बर 12 -- धर्म छिपाकर धोखे से दलित सामाजिक कार्यकर्त्री से विवाह कर दुष्कर्म करने के आरोपी कमरूल हक उर्फ विवेक कुमार रावत की जमानत अर्जी को एससीएसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने खारिज कर दिया। कोर्ट में विशेष अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने आरोपी कमरूल हक की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने धोखाधड़ी करते हुए अनुसूचित जाति की युवती को अपना नाम विवेक कुमार बताया और आर्य समाज मंदिर में जाकर विवाह करने का प्रपंच किया। पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाये। अदालत को बताया गया कि इस कोर्ट में ऐसे कई मामले चल रहे हैं, जिसमें मुस्लिम युवकों ने अपना धर्म छिपाकर हिन्दू नाम रखकर अनुसूचित जाति की लड़कियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया है। पत्रावली के अनुसार वादिनी ने रहीमाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ब्लॉक स्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.