रुडकी, जनवरी 19 -- पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन दुनिया की वह वाहिद शख्सियत हैं, जिन्हें हर धर्म और हर मजहब के लोग अपना आदर्श मानते हैं। इमाम हुसैन ने इंसानियत, हक और इंसाफ की रक्षा के लिए वह कुर्बानी पेश की, जो कयामत तक मानवता को रास्ता दिखाती रहेगी। उक्त विचार मौलाना गा़फिर अब्बास जैदी ने व्यक्त किए। इमाम हुसैन के सफर और शहादत की याद में मोहल्ला पठानपुरा में जुलूस-ए-अजा निकाला गया। जुलूस के बाद बड़े इमामबाड़े में एक मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना गा़फिर अब्बास जैदी ने कहा कि 28 रजब को जालिम और क्रूर शासक यजीद ने इमाम हुसैन पर बैअत का दबाव बनाया और मदीना में उनका रहना मुश्किल कर दिया।

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