देहरादून, जुलाई 7 -- जैन महामुनि राज आचार्य सौरभ सागर महाराज ने 31 वें पुष्प वर्षायोग के लिए दून पहुंचने पर सोमवार को जैन भवन में पत्रकारों से बातचीत की और जैन धर्म के विभिन्न सिद्धांत, तत्वों, जैनाचार संहिता के संदर्भ को अपनी वाणी में व्यक्त किया। गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला जैन भवन में आचार्य सौरभ सागर महाराज ने कहा कि वर्षा योग समाज को हरियाली से भरने का पर्व है। समाज को वैदिक आचरण, सदाचार, अहिंसा, खानपान की युति, स्वास्थ्य लाभ चातुर्मास में अपनाएं गए संकल्प से होता है। समाज की भलाई के लिए धर्म की ओर उन्मुख होने के लिए चातुर्मास एक प्रभावी माध्यम है। अगले चार माह सारे देवगण सो जाते हैं लेकिन संत जागृत रहते हैं। उन्होंने कहा कि नौ जुलाई को मंगल कलश स्थापना होगी, इसके साथ ही छह वर्ष बाद उन्हें दून में वर्षा पुष्प योग का अवसर मिल रहा है।...
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