गया, मई 17 -- प्रकृति किसी के साथ भेद नहीं करती तो फिर समाज में जाति और धर्म का भेद क्यों होता है। धर्म का सार अच्छे आचरण में निहित है। उक्त बातें शनिवार बोधगया में महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय 11वां धर्म संस्कृति संगम कार्यक्रम के दूसरे दिन भारत सरकार में लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम विभाग के मंत्री जीतनराम मांझी ने कही। उन्होंने समाज को विभाजन से ऊपर उठकर मानवता के भाव को अपनाने का आह्वान किया। आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जाति, धर्म और उपजातियों के बावजूद लोग एक साथ प्रेमपूर्वक रह सकते हैं। एक-दूसरे के प्रति आदर और सम्मान का भाव किसी भी विवाद को जन्म नहीं लेने देता। उन्होंने बोधगया की धार्मिक सौहार्द्र और पर्यावरण की प्रशंसा करते हुए कामना किया कि भारत में...
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