लखीमपुरखीरी, मई 3 -- पलियाकलां, संवाददाता बजाज चीनी पलिया में चल रहे छह दिवसीय स्थापत्य वास्तु कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन आचार्य सुशील बलूनी ने वास्तु शास्त्र के पूरक विषय संख्या ज्योतिष पर विस्तार से चर्चा की। आचार्य ने नौ अंकों के साथ साथ शून्य एवं अनंत पर विशेष बल देते हुए बताया कि स्वयं को शून्य से विभाजित कर अनंत की प्राप्ति करना ही जीवन का परम उद्देश्य है। सातों वारों के नाम से सात ग्रह हैं, इसके अतिरिक्त राहु व केतु छाया ग्रह के रूप में विद्यमान हैं। आचार्य बलूनी के अनुसार कोई भी ग्रह खराब नहीं हर एक ग्रह की उपयोगिता है। व्यक्ति को उसके अधिष्ठात्री ग्रह के अनुसार अपना भोजन, आचरण, व्यवसाय व करियर चुनना चाहिए। अगर ऐसा करते है तो आपके जीवन की राह आसान होगी। आचार्य ने पूरे वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ बताया कैसे आपके साथ नव ग्रह जुड़ते है...
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