जमशेदपुर, फरवरी 22 -- पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं के अधिकारों को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि यदि धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से बाहरी लोग गांव में प्रवेश करते हैं तो ग्रामसभा उन्हें रोक सकती है। उन्होंने इस निर्णय को आदिवासी स्वशासन और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक बताया। उन्होंने झारखंड के मानकी, मुंडा, पड़हा, परगनैत सहित सभी पारंपरिक ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपनी ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित कर गांव की सीमा पर सूचना बोर्ड लगाएं, जिससे धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लग सके। उनका कहना था कि बाहरी प्रभावों से आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान पर ख...