नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने 'पीपुल्स यूनियन फॉर लिबर्टीज' और अन्य की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। पीठ ने इसी मुद्दे से जुड़ीं अलग-अलग लंबित याचिकाओं को इस याचिका से जोड़ दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित हैं और इस याचिका को उसमें जोड़ देना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने यह घोषित करने का अनुरोध किया है कि धर्मांतरण निषेध अधिनियम के प्रावधान मनमाने, अनुचित, अवैध और संविधान के दायरे से बाहर हैं तथा अनुच्छेद 1...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.