नई दिल्ली, नवम्बर 12 -- कर्नाटक हाईकोर्ट ने दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थल कस्बे में कई हत्याओं, बलात्कारों और शव दफनाने के आरोपों की जांच पर अपनी अंतरिम रोक बुधवार को हटा ली। सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश मत्तनवार, महेश शेट्टी थिमारोडी, टी जयंत और विट्ठल गौड़ा की एक याचिका पर सुनवाई के बाद 30 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई थी। याचियों ने मामले की प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था। हालांकि, पहले इन सभी ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने का समर्थन किया था। न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज ने रोक हटाते हुए एसआईटी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कोई उत्पीड़न न हो। एसआईटी ने पहले इन कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए थे। मत्तनवार के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने जांच का विरोध नहीं किया, बल्कि इसमें शामिल सभी कार्यकर्त...