हापुड़, नवम्बर 23 -- गढ़ रोड स्थित श्रीराम मंदिर के पीछे चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मन्माध्व-गौड़ेश्वर वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने कृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, कर्मा बाई और छप्पन भोग की प्रेरणादायक घटनाओं को श्रोताओं के समक्ष रखा। प्रवचन शुरू होने से पहले मंगलाचरण, भजन और हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनियों से वातावरण दिव्य ऊर्जा से आच्छादित हो उठा। परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ 108 स्वामी विवेकानंद महाराज और 108 स्वामी रविन्द्रानंद महाराज की कृपा एवं आशीर्वाद पूरे आयोजन में उपस्थित रहे। पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने कहा कि सच्चा साधक वही है, जो विपरीत परिस्थिति में भी धर्म, भक्ति और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ता। परीक्षा के समय विवेक ही जीवन को दिशा देता है। उन्होंने यह उदाहरण देते हुए समझाया कि परीक्षि...