मऊ, मई 30 -- मऊ। रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के अंतर्गत गुरुवार को नगर पालिका कम्युनिटी हाल में गोष्ठी हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री, स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने अहिल्याबाई को धर्म, न्याय और राष्ट्रधर्म का सजीव स्वरूप बताया। कहा कि अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चांडी गांव में हुआ था। उनके पिता मैंकोजी शिंदे मराठा साम्राज्य में पाटिल थे। विवाह के बाद वह मालवा राज्य की बहू बनीं और बाद में महारानी। उनका जीवन चुनौतियों से भरा रहा। पति खंडेराव की युद्ध में मृत्यु हुई। फिर ससुर मल्हाराव का निधन हुआ। इकलौते पुत्र माले राव की भी असामयिक मृत्यु हो गई। 11 दिसंबर 1767 को उन्हें राज्याभिषेक कर सिंहासन सौंपा गया था। अहिल्याबाई ने विदेशी आ...
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