संभल, फरवरी 13 -- जुनावई। क्षेत्र के खेरिया रूद्र गांव में चल रही श्रीराम कथा के दौरान गुरुवार को कथा व्यास ने धनुष यज्ञ से लेकर सीता स्वयंवर तक की पावन कथा का भावपूर्ण व्याख्यान किया। कथा के इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और पूरा पंडाल राममय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। कथा व्यास वीरेश कुमार अग्निहोत्री 'रामायणी महाराज' ने मिथिला नगरी में आयोजित सीता स्वयंवर का प्रसंग विस्तार से सुनाया। उन्होंने बताया कि मिथिला नरेश जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह हेतु यह शर्त रखी थी कि जो वीर शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उसी से सीता का विवाह होगा। इस स्वयंवर में दूर-दूर के अनेक राजा-महाराजा उपस्थित हुए, किंतु कोई भी शिव धनुष को हिला तक न सका। इसी दौरान गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण भी सभा में उपस्थित थे...
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