बलिया, दिसम्बर 14 -- रानीगंज (बलिया)। संत सुदिष्ट बाबा के समाधि स्थल पर लगा धनुष यह मेला अपनी पुरानी गरिमा, भव्यता और परंपरागत लोक रंग के साथ जीवंत हो उठा है। तीसरे रविवार को मेला परिसर में उमड़ी विशाल भीड़ ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।चारों ओर दुकानों की चमक, लोगों की चहल-पहल और लाउडस्पीकरों पर बजते लोकगीतों ने यह साबित कर दिया कि धनुष यज्ञ मेला केवल व्यापार का केंद्र नहीं बल्कि संस्कृति और भावनाओं का उत्सव है।सुबह से ही मेले की ओर बढ़ती लोगों की लहर दोपहर होते होते विशाल जनसैलाब में बदल गई।दिन चढ़ने के साथ ही मेले का रंग भी लोगों पर चढ़ने लगा।दूर दूर से आए लोगों ने जमकर मेले का लुफ्त उठाया।सबसे ज्यादा आनंद में महिलाएं दिखाई दी।घर से घूँघट की ओट में आई महिलाओं ने मेले में कदम रखते ही थिरकन शुरू कर दिया।महिलाएं मनपसंद समान का मोलभाव...