बांदा, जनवरी 11 -- पैलानी संवाददाता। तहसील के अलोना गांव में स्थित हनुमान जी के प्रसिद्ध स्थान पर ग्रामीणों ने पांच दिवसीय वनवासी रामलीला का आयोजन किया है। रविवार को राम जन्म के बाद धनुष यज्ञ व परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का मंचन किया गया। राजा जनक ने धनुष के खंडन की शर्त पर मां सीता के स्वयंवर की घोषणा की। देश-देश के राजा मिथिलापुरी में आकर कर अपने अपने बल-कौशल का प्रयोग किया। धनुष को तिल भर हिला नहीं सके। राजा जनक ने वीर विहीन मही मैं जानी के उदघोष पर शेषावतार लक्ष्मण जी क्रोधित हुए। गुरू विश्वामित्र की आज्ञा पाकर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने धनुष का पल भर में खंडन कर दिया। सीता जी के साथ उनका पाणिग्रहण संस्कार का प्रहसन हुआ। भगवान के शंकर के धनुष के टूटने पर परशुराम जी से लक्ष्मण का संवाद हुआ। इसको सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो ...
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