हरदोई, नवम्बर 15 -- बावन। रामलीला मैदान में रामझ्रसीता धनुष यज्ञ स्वयंवर का भव्य मंचन किया गया। इसका शुभारंभ मेला संरक्षक बैध बाल कृष्ण शास्त्री, मेला समिति अध्यक्ष देशदीपक दीक्षित तथा रामलीला समिति के सदस्यों ने गणेश वंदना और पूजा-अर्चना से किया। इसके बाद रामायण के प्रसंगों का वर्णन और सामाजिक मुद्दों पर विशेष संवाद प्रस्तुत किए गए। मुख्य आकर्षण जनक नंदिनी सीता के स्वयंवर का दृश्य रहा। मिथिला नरेश राजा जनक ने घोषणा की थी कि जो राजा शिवधनुष को उठाकर तोड़ देगा, वही सीता से विवाह का अधिकारी होगा। देश-विदेश से आए अनेक वीरों ने प्रयास किया, परंतु कोई भी धनुष को हिला तक न सका। इस बीच लंका नरेश रावण और पाताल लोक के राजा बलि भी स्वयंवर में पहुंचे और मंचन में संवाद हुआ। स्वयंवर की निष्फल होती कोशिशें देख राजा जनक व्याकुल हो उठे। तभी मुनि विश्वामित...