उन्नाव, दिसम्बर 5 -- उन्नाव। सोहरामऊ के आशाखेड़ा गांव में चल रही धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। परशुराम-लक्ष्मण के तीखे संवादों ने दर्शकों को रोमांचित किया। कलाकारों ने दिखाया कि श्रीराम व लक्ष्मण, गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर में चल रहे धनुष यज्ञ में पहुंचते हैं। राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार सीता से विवाह के लिए दूर देशों के बलशाली राजा शिव धनुष को उठाने के प्रयास में असफल रहते हैं। इससे व्याकुल होकर राजा जनक विलाप करते हुए कहते हैं कि यदि वह जानते कि धरती वीरों से खाली है तो इस तरह की प्रतिज्ञा न लेते। इसके बाद गुरु विश्वामित्र के आदेश पर प्रभु श्रीराम ने शिव धनुष भंग किया। धनुष भंग होते ही पूरा पंडाल 'सियावर रामचंद्र की जय' से गूंज उठा। इसके स्वयंवर में पहुंचे परशुराम का लक्ष्मण से तीखा संवाद होता है। अंत में भगनवान श्रीराम क्षमा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.