नई दिल्ली, दिसम्बर 6 -- यहां की एक विशेष अदालत ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा को धनशोधन के एक मामले में पांच साल जेल की सजा सुनाई है। मामला 2003 से 2006 के बीच का है, जब वह कच्छ जिले के कलेक्टर थे और उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी को रियायती दरों पर सरकारी जमीन मंजूर की थी। कोर्ट ने उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष पीएमएलए अदालत की जज के. एम. सोजित्रा ने उन्हें पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने आगे आदेश दिया कि जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा ज्ब्त की गई शर्मा की संपत्तियां केंद्र सरकार के पास ही रहेंगी। ईडी के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने मार्च 2012 में शर्मा और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। शर्मा को पहली बार जुलाई 2...
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