धनबाद, जनवरी 22 -- अमन्या सुरेश धनबाद। जिले के मछली पशुपालकों को मिली गुमटियां कबाड़ हो गई हैं। कबाड़ गुमटियां सड़क किनारे पड़ी हुई हैं। वहीं मछली विक्रेता सड़क पर मछली बेच रहे हैं। मछली विक्रेताओं को वर्ष 2014 में तत्कालीन पशुपालन मंत्री मन्नान मल्लिक के कार्यकाल में 42 गुमटियां आवंटित करनी थी। इनमें करीब 20 गुमटियां हीरापुर, पुलिस लाइन, स्टीलगेट समेत अन्य स्थानों पर मछली बेचनेवाले लोगों को दी गईं। 22 गुमटियां दूसरे चरण में देनी थीं, लेकिन यह बनी ही नहीं। हालत यह है कि 12 साल के इंतजार के बाद भी शेष विक्रेताओं को ये गुमटियां नहीं मिलीं। योजना का उद्देश्य था गुमटी के भीतर साफ-सुथरे और सुरक्षित वातावरण में मछली बेचना, लेकिन यह योजना सिर्फ कागज पर ही सिमट कर रह गई। आवंटित गुमटियों में से कई को दुकानदारों ने अनुपयोगी बता कर खुद ही बेच दी तो ...