एटा, अक्टूबर 18 -- पांच दिवसीय दीपोत्सव के शुभारंभ पर्व धनतेरस पर शहर के बाजारों में इस साल रिकॉर्ड तोड़ धनवर्षा हुई। महंगाई के बावजूद ग्राहकों के उत्साह और जीएसटी बचत उत्सव जैसे प्रोत्साहन ने स्थानीय बाजारों को एक नई ऊंचाई दी। माना जाता है कि धनतेरस दिवाली बाजार की आखिरी बड़ी खरीदारी होती है। सोने और चांदी की ऊंची कीमतें भी बाजार की रौंनक को फीकी नहीं कर सकी। धनतेरस पर सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड महंगाई होने के बावजूद शहर के सराफा बाजार की रौनक कम नहीं हुई। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता और पदाधिकारियों का अनुमान है कि शहर के सराफा बाजार में 15 करोड़ रुपये तक का कारोबार हुआ, जो कि कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है। उन्होंने बताया कि धनतेरस पर 24 कैरेट सोने का भाव एक लाख 31 हजार 500 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। जबकि चांदी...
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