नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- दिवाली का त्योहार पूरे 5 दिनों का होता है। जिसकी शुरुआत धनतेरस के साथ होती है। धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहते हैं। इस दिन को ज्यादातर लोग शॉपिंग करने के लिए ही जानते हैं। वहीं काफी सारे लोग इस दिन कुबेर देव और मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। साथ ही पहले इसी दिन आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाता था। लेकिन इसी साल 2025 से सरकार ने इसे 23 सितंबर को मनाने का फैसला लिया है। काफी सारे लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर धनतेरस पर ही क्यों धन्वंतरि की पूजा की जाती है। तो इसके लिए ये पौराणिक कथा को जानना जरूरी है।हुआ था भगवान धन्वंतरि का जन्म पौराणिक कथाओं के अनुसार समु्द्र मंथन से पूरे 14 रत्न निकले थे। जिसमे विष, मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि भी शामिल थे। समुद्र मंथन से निकलते वक्त धन्वतंरि के एक हाथ ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.