सहारनपुर, अक्टूबर 18 -- नकुड रोड स्थित श्री बनखंडी महादेव मंदिर में चल रही कार्तिक कथा का रसपान कराते हुए पंडित अनिल कौशिक ने धनतेरस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस दिन वैदिक देवता यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन यम के लिए आटे का दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता है। जिससे मनुष्य को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। रात को महिलाएं दीपक में तेल डालकर चार बतिया जलाती है, जल, रोली, चावल, गुड़, फूल आदि से नैवेध सहित दीपक जलाकर यम का पूजन करती है। इस दिन धनवंतरी जी के पूजन का भी विधान है। इस दिन घर के टूटे-फूटे पुराने बर्तनों के बदले बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। चांदी के बर्तन खरीदने से तो अत्यधिक पुण्य का लाभ होता है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को कार्तिक स्नान करके महिलाएं प्रदोष काल में घाट गौशाला, बावड़ी, कुआं मंदिर आ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.